
आशाएँ खिले दिल की Ashayein Khile Dil Ki Lyrics – Iqbal (KK & Salim Merchant)
आशाएँ खिले दिल की
करने से होगा
मैं तैयार हूँ
कच्चा घड़ा हूँ मैं
तन खा गई ये तनखा
आशाएँ… आशाएँ… आशाएँ…
कुछ पाने की हो आस आस
कुछ अरमाँ हो जो ख़ास ख़ास
हर कोशिश में हो वार वार
करे दरियाओं को आर पार
तूफानों को चीर के
मंज़िलों को छीन ले
उम्मीदें हँसे दिल की
अब मुश्किल नहीं कुछ भी, नहीं कुछ भी
आशाएँ खिले दिल की… उम्मीदें हँसे दिल की
ओ हो ओ… ओ हो ओ…
आशाएँ उम्मीदें आशाएँ उम्मीदें
उड़ जाए ले के ख़ुशी, अपने संग तुझको वहाँ
जन्नत से मुलाक़ात हो, पूरी हो तेरी हर दुआ
गुज़रे ऐसी हर रात रात,
हो ख्वाहिशों से बात बात
ले कर सूरज से आग आग,
गाये जा अपना राग राग
कुछ ऐसा करके दिखा,
खुद खुश हो जाए खुदा
तेरी वो रफ़्तार हो
रोके से भी तू ना रुके
हासिल कर ऐसा शिखर
परबत की भी नज़रें उठे
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