
हे जगदंबे भावानी, हे माँ अंबे रानी
हे जगदंबे भावानी, तुने सबकी मानी
मेरी सुनो तो मैं जानू माँ
तू ममतावली है ये मानू माँ
मुझपर भी सदा तुम कृपा करो महारानी
पत्थर में तुम फूल खिलादो
मुर्दों में जान फिर लौटा दो
तेरी शक्ती से बढकर माँ
दुनिया में कुछ और नहीं
तुझसे मैं तेरी किरपा चाहूँ
और कुछ ना तुझसे मांगू
मुझपर भी सदा तुम दया करो कल्याणी
सारे जगत की तुम हो माता
तुमहीं तो हो भाग्यविधता
तेरे होते क्यू मुझपर माँ
हंस रहा जहाँ सारा
एक इशारा बस माँ करदो
मुझको भी खूशियों का वर दो
बिनती सबकी सुनती हो
मेरी भी सून वरदानी
दुर्गा आरती
दुर्गा चालीसा
देवी दुर्गा कवच
शेर पे सवार होके
माँ शेरावालिये
आ माँ आ
अटल छत्र सच्चा दरबार
चलो बुलावा आया है
मेरे नैनों की प्यास बुझा दे
बिगड़ी मेरी बना दे
सावन की रुत है
लाल लाल चुनरी
धरती गगन में होती है
कभी फुर्सत हो तो जगदम्बे
भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे
बारिशों की छम छम में
नन्हे नन्हे पाँव मेरे
या देवी सर्वभूतेषु
मैं हूँ दासी तेरी दातीये
ऊँचे ऊँचे पर्वत पे
माँ पहाड़ान वालिये
मैया जी के रहते दुःख में क्या रोना
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.
