
विघ्न हरण मंगल करण
गौरी सुत गणराज
मैं लियो आसरो आपको
रखियो म्हारी लाज।
जय गणेश जय जय गणेश
जय गणेश काटो कलेश
जय गणेश हितकारी
विघ्न विनाशन नाथ प्रथम
पूजा हो सदा तुम्हारी
जय गणेश काटो क्लेश।
वक्रतुण्ड है महाकाय
श्री गजानंद लम्बोदर
सदा लक्ष्मी संग आपके
रहती है विघ्नेश्वर
जो भी ध्यान धरे नित तुमरो
नर हो चाहे नारी
उसके सारे कष्ट मिटे
पल में भारी से भारी
सिद्धि विनायक देवा
कृपा करो हे देवा
रिद्धि सिद्धि नित आठों पहर
प्रभु तुझको चँवर ढुलावे
गजानंद करुणावतार
सब नाम तुम्हारा गावे
पहले पूजन किसका हो जब
उठी समस्या भारी
श्री गणेश जी प्रथम पूजते
आप बने अधिकारी
विघ्न विनाशन हार प्रभु
सिद्धि विनायक कहलाते
मेवा मिश्री और मोदक
का निसदिन भोग लगाते
एकदन्त गजबदन विनायक
महिमा तेरी भारी
मस्तक पर सिन्दूर बिराजे
मुसक की असवारी
प्रथम आपको जो ध्याए
सब काम सफल हो जाए
कभी विघ्न और बाधा
शर्मा पास ना उसके आए
जिस प्राणी पर दया दृष्टि
हो जाए प्रभु तुम्हारी
लक्खा उसकी करते
मेरे बाबा डमरूधारी
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