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. माँ सिद्धिदात्री जी की आरती लिरिक्स |जय सिद्धिदात्री, ॐ जय सिद्धिदात्री,
सर्व सुखों की जननी, रिद्धि सिद्धिदात्री॥
ॐ जय सिद्धिदात्री......
अणिमा गरिमा लघिमा, सिद्धि तिहारे हाथ,
तू अविचल महामाई, त्रिलोकी की नाथ,
शुम्भ निशुम्भ विडारे, जग है प्रसिद्ध गाथा,
सहस्त्र भुजा तनु धरके, चक्र लियो हाथा,
तेरी दया बिन रिद्धि, सिद्धि ना हो पाती,
सुख समृद्धि देती, तेरी दया दाती,
दुःख दारिद्र विनाशनी, दोष सभी हरना,
दुर्गुणों को संघारके, पावन माँ करना,
नवदुर्गों में मैया, नवम तेरा स्थान,
नौवे नवरात्रे को, करें तेरा सब ध्यान,
तुम ही जग की माता, तुम ही हो भरता,
भक्तन की दुःख हरता, सुख सम्पति करता,
अगर कपूर की ज्योति, आरती हम गायें,
छोड़ के तेरा द्वारा, और कहाँ जायें,
सिद्धिदात्री हे माता, सब दुर्गुण हरना,
अपना जान के मैया, हमपे कृपा करना,
जय सिद्धिदात्री, ॐ जय सिद्धिदात्री,
. माँ सिद्धिदात्री जी की आरती लिरिक्स
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