
मैया लक्ष्मी की कृपा जो पा जाते है
धन धन्य से घर उनके भर जाते है
मन से कोई पुकारे घर आती है माँ
संग विघ्न विनाशक को लाती है माँ
सबको कष्टों से मुक्ति दिलाती है माँ
सबकी राहों में फूल बिछाती है माँ
मैया लक्ष्मी की कृपा जो पाते जाते है
सबके मन की व्यथा तुम ही हरती हो माँ
सारे दुखियो का कल्याण करती हो माँ
घर बच्चो के जब तुम पधरोगी माँ
फूटी किस्मत सभी के सवारों की माँ
हर प्राणी को बस तुझसे है आसरा
सुख जाए ना जीवन तू कर दे हरा
बुँदे रहमत की जब भी बरसाती हो माँ
रंक को पल में राजा बनाती हो माँ
हैप्पी हो जाओ आ गयी दिवाली
श्री गिरिराज जी की आरती
भाई दूज के शुभ दिन में
कुबेर अष्टलक्ष्मी मंत्र
अरज सुनो हे छठी मैया
काँच ही बाँस के बहँगिया
अष्टलक्ष्मी स्तोत्रं
स्वस्ति वाचन मंत्र
आज धनतेरस का पवन दिन
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