
पवन प्रभाती जग को जगाती
भंवरे भी करते है गुंजन
पंख पसारे उड़े पखेरू
सिन्दूरी सिन्दूरी आंगन
मंगल मंगल बेला मंगल
सौरभ सौरभ सारा भुवन
इन चरणो में फूल चढाने
आयी तेरी राधा मोहन
मन बसिया ओ कान्हा
रंग रसिया ओ कान्हा
मै बांवरिया सुध बुध भूली
मुझको लागी तेरी लगन
तेरे द्वारे सांझ सकारे
तेरा नाम जपे मेरा मन
जो है मेरा सब है तेरा
तुझपे है ये जीवन अर्पण
कर्मण्येवाधिकारस्ते
भज गोविन्दम्
श्री हरि स्तोत्रम्
कितना प्यारा है श्रृंगार
श्री गोवर्धन महाराज
श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी
बनवारी रे जीने का सहारा तेरा नाम रे
फूलों में सज रहे हैं
राधे राधे
मैं आरती तेरी गाऊं
एक राधा एक मीरा
श्री जगन्नाथ आरती
मैं तो आई वृन्दावन धाम
श्रीकृष्ण शरणाष्टक
तुझसा दयालु नहीं प्यारे
दुनिया से मैं हारा
मेरा आपकी कृपा से
पकड़ लो हाथ बनवारी
तेरा संकट सारा हर लेंगे
जय जय राधा रमन हरि बोल
कीर्तन की है रात
हे विष्णु विधाता
सांवरे को दिल में बसाकर तो देखो
हरे कृष्णा हरे रामा
मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो
छोटी छोटी गैया छोटे छोटे ग्वाल
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