
मेरा जीवन तेरी शरण
सारे राग विराग हुए अब
मोह सारे त्याग हुए अब
एक यही मेरा बंधन
अविरत रहा भटकता अब तक
भटकूँ और अभी मैं कब तक
पा लू केवल तुझको ही माँ
एक यही मेरी है लगन
तेरे चरणों पर हो अर्पण
मेरे जीवन के गुण-अवगुण
सारी व्याथाऐं दूर करो माँ
हो कुसमित मेरा नंदन
मगंल भवन अमंगल हारी
अवध में राम आये हैं
राम कथा सब विधि सुखदाई
सम्पूर्ण सुन्दरकाण्ड पाठ
श्री राम चंद्र कृपालु
जय जय राम
तूने अजब रचा भगवान
दुनिया चले ना
कभी राम बनके कभी श्याम बनके
मरियादा पुरुषोत्तम राम
सीता राम सीता राम कहिये
राम की भक्ति में
जय श्री राम
जय श्री राम बोलो
रघुवर श्री रामचंद्र जी
जिस भजन में राम का नाम ना हो
स्वीकारो मेरा परनाम
राम का गुणगान करिये
राम आये है अयोध्या
जय रघुनन्दन जय सियाराम
श्री राम चंद्र
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