
Mere Shyam Ka Sikka Chalta Hai
राहु केतु और शनिश्चर
जोर किसी का ना चलता है
चलता है यहाँ चलता है
मेरे श्याम का सिक्का चलता है
जिसपे रेहमत श्याम धनि की
उसकी किस्मत खुल जाती
सिर से बोझ उतर जाता
और सारी विपदा टल जाती
इसके एक इशारे पे
किस्मत का लेख बदलता है
सारी सरकारों से ऊंची
बाबा की सरकार है
शीश का दानी खाटूवाला
कलयुग का अवतार है
जग जाहिर है
श्यामधणी का हुक्म कभी ना टलता है
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