
Mohe Panghat Pe Nandlal
( भजन
– मोहे पनघट पे नंदलाल छेड़ गयो...
मोहे पनघट पे नंदलाल छेड़ गयो रे,
मोरी नाजुक कलाइयां
मरोड़ गयो रे,
हो मोरी नाजुक कलाइयां
मोहे पनघट पे नंदलाल
छेड़ गयो रे…
कंकरी मोहे म्हारी
गगरिया फोर डारी,
हाय गगरिया फोर डारी,
हो कंकरी मोहे म्हारी
मोरी साड़ी अनारी भिगोय गयो रे ।
नैनों से जादू
किया जियरा मोह लिया,
हाय जियरा मोह लिया,
मोरा घुंघटा
नजरियों से तोड़ गयो रे ।
मोहे पनघट अजी हाँ,
मोहे पनघट हाँ,
– बड़ी देर भई नंदलाला तेरी राह तके बृजबाला
– मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई कृष्ण भजन
– गुरुवार स्पेशल श्री साईं अमृतवाणी
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