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दोहा आव्यो छुं प्रभु तारे द्वारे , दर्शन दो मुक्ति दो आ सँसार नी माया मांथी ,मुक्ति दो दर्शन दो तारा शरणे आव्यो छुं , स्वीकारीलो हवे लईजा प्रभुजी थांरा धाम मां लईजा प्रभुजी थांरा धाम मां तारा हुँ गीतडा गाउँ ,बीजो हुं कांइ ना जाणु तारा हुं दर्शन पांउ ,बीजो हुं कांइ ना पांउ मारा भवो भव ना हो हो मारा भवो भव ना बंधन तु तोडी दे , हवे लईजा प्रभुजी तमेँ छो दीन दयाळु ,मेहर करो नी परम कृपालु भक्तो नो मनडौ मांगु ,भक्ती मां दिलडु मांगु मारी नैया ने हो पार उतारी ले , मारी नैया ने पार उतारी ले हवे लेईजा प्रभुजी तारा हुँ गुणला गांउ ,बीजो हुँ कांइ न जांणु , नवकार नो जाप जपु छुँ , बीजो हुँ कांइ न जांणु , मारा तारा ए हो मारा तारा ए नाता हवे जोडी लो हवे लईजा प्रभुजी तारा देश मां तारा शरणे आव्यो छुँ स्वीकारी लो
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