
(त्रिलोकपति लिरिक्स
वो देख चुके विधवांस धारा का देख चुके वो रचना
हर युग में देखी गंगा और हर युग में देखी यमुना
वो देख चुके हैं जन्म सभी का नाश साथ ही सबका
देख चुके है द्वारका डूबी और लैपटॉप में लंका
कितनी बार कैलाशपति तुमने चारो युग देखे
त्रिलोकपति तोहे सारी खबर कब क्या होगी और कैसे
काशी में विराजे है केदार में भी डेरा
तुंगनाथ के शिखर से कर्म देखे मेरा
गौरा संग बैठे हो कैलाश में भी प्रभु
जैसे नयनार के उद्धार करो मेरा
तेरा कल भी ना आया जो वो कल भी ही पता उन्हे
चाँद का भी नूर भागे रोज़ उनकी जाता चूने
बता तूने कहां सुना है उनको भांग पियो
कालकूट पीने वाला कहता है विधाता उनको
डमरू का जो नाद उठे पैरो की तेरी थाप सुने
बर्फ़ों पर भी आग लगे जो जाता खोल के आप उठे
भोला तन पे जो रख माले भूतों की टोली कानप उठे
यदि तीसरी आंख खुले तीनो लोको में त्रास उठे
सर्वव्यापि दूरदर्शी उन्हीं में जमाना है
उन्हीं की कृपा से बंटे दस हाथ गाने हैं
हेतु महाकाल के मैं नाचूं शमशान में भी
आज्ञा तो देदो हम ऐसे ही दीवाने हैं
जानो मेरी दशा हर बिना तेरे दिशा बैंड
लीन जैसे दशानन तेरे बिना फसा मन
बिना तेरे सजा क्षण दिया मुझे प्रजा-धन
आप हो तो जीत लूंगा प्रभु मैं तो सजा रैन
आप से हूं रजामंद आप से ही बसा घर
पी बैठे हो व्यथा हर जैसे प्रभु हलाहल
यदि प्रभु खड़ा बल तुम ही मेरी धरतल
आप से है वर्तमान आप से है बन कल
राम जपे तोहे तुम जपे राम नाम को
जहाँ महादेव वहाँ हरि का भी नाम हो
ना साल ऐसा गया तुझे दिन भी ना दिया
हां मैंने तेरे हाथ में ना धारी मेरी शाम हो
तीन धारी तिलक देता माथे को भी चैन
दिखा जो केदार तो भीगे मेरे नैन
महाकाल बोले दिल बना ये उज्जैन
मृत काया कर्ण मेरी काशी में दहन
हाथों में त्रिशूल थमा मेरा भोला सबसे दूर बासा
मैं घुमु पापी धूल राम प्रभु करो मेरी भूल क्षमा
खुद से जो तूने दूर करा तो रुक जाएगा खून मेरा
खून मेरा ना किसी काम का अगर तुझे वो भूल गया
भक्तों के बने वो तो प्रातःकाल सारथी
महाकाल आरती में मैं तो क्षमा प्रार्थिनी
बड़े किये पाप प्रभु आत्मा निकालो
साथ में उतार देना दास की ये ख़ाल भी
बैठा तेरी धरा पर आस को भी लगा कर
मुझे मिली दगा पर चैन तेरी जगह पर
दिल अगर चला छल तो काटो मेरे गला कल
जपके प्रभु हरि हर दास का भी चला घर
शिव जी सत्य है
शिव आरती
मन मेरा मंदिर
जय जय केदारा
भला
शम्भू नाथ
शिव शंकर रखवाला मेरा
शिव शिव शंकर
डमरू बजाया
महादेवा
शिव शक्ति से ही पूर्ण है
चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तों
चलो भोले बाबा के द्वारे
जो शिव को ध्याते हैं
ऐसी सुबह ना आये
बोलो हर हर हर
चंदा झांके
भोलेनाथ की शादी
मुझमें शिवा
महा मृत्युंजय मंत्र
लायक
हे भोले शंकर पधारो
गूँजे सदा जयकार हो भोले तेरे भवन मे
शंकर मेरा प्यारा
शिव का नाम लो
अजब है तेरी माया
मैं शिव का शिव मेरे
भोले तेरे चरणों की
द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तुति
शिव शंकर डमरू वाले
राजदुलारी
जब से मेरी शिव से मुलाकात हो गई
ऋषिकेश योगपीठ
ॐ नमः शिवाय हर हर भोले नमः शिवाय
भोले शंकर
ॐ नमः शिवाय
ओ शंकर मेरे
देवों के देव
महादेव तेरा शुक्रिया
आशुतोष शशाँक शेखर
हे शिव पिता परमात्मा
मेरे शंकरा
शीश गंग अर्धंग पार्वती
महादेव के दीवाने
मेरे बाबा
तेरी सेवा करूँगा
तुझे शंकर कहूँ या शंभु
जय कारा केदारा
मेरा भोला भंडारी २
भोले से प्यार
लागी लगन शंकरा
जयकाल महाकाल
सब तेरा महादेव
हर हर शम्भू शिव महादेवा
शिवोहम शिवोहम शिवोहम
बम बम भोले
हे त्रिपुरारी गंगाधारी
थोड़ा देता है या ज्यादा देता है
तेरा पल पल बीता जाए मुख से जप ले नमः शिवाय
जपता ॐ नमः शिवाये
शंकर केदारा
बंजारन मैं बंजारन
हम तो तेरा प्यार दीवाने शंकर जी
सन्यासी
सोजुगादा
कैलाश के निवासी नमो बार बार हू
एक मैं भोला एक तू भोला
जपले तू नमः शिवाय
जयति जयति जग-निवास शंकर सुखकारी
ॐ शंकर शिव भोले उमापति महादेव
मेरे भोले बाबा को अनाड़ी मत समझो
चल काँवरिया चल काँवरिया
महादेव शंकर हैं जग से निराले
कलयुग में शिवयुग आया है
जय महेश जय महादेवा
नोट छापन की मशीन
मेरे नाथ केदारा तेरे नाम का सहारा
भोलो हर हर महादेव
हर हर शम्भू
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