
अगर श्याम से मिलना है,
एक बात समझ लेना,
हारे का साथी है,
सदा हार के तू रहना।। -2
मीरा भी हारी थी,
गिरधर को पायी थी,
विष अमृत कर पाया,
मोहन को रिझाई थी,
नैनो में श्याम बसा,
विष पान किया करना...-2
सदा हार के तू रहना।।
नरसिहं जब हारा था,
सांवरिया आया था,
धर भेष सेठिये का,
क्या माल लुटाया था,
तारों से तार मिला,
मन पीड़ा सुना देना....-2
एक मित्र सुदामा था,
सर्वस्व अपना हारा,
इस मुरली मनोहर ने,
अपना सबकुछ वारा,
तू दिन हिन बनकर,
चरणों में रहा करना...-2
घनश्याम से प्रीत लगा,
देखो भक्त वत्सल हारे,
हारी हुई बाजी को,
श्री श्याम जीता डाले,
कहे श्याम बहादुर तू,
दर पे दे दे धरना....-2
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