
अभिलाषाएं मन की उनकी होती हैं पूर्ण,
ईश्वर भक्ति में जीवन जो लगा देते हैं सम्पूर्ण,
आधि व्याधि आमर्ष सब कष्टों संतापो का साथ,
नहीं रहता उनके जिनके सर पे रहता हरि का हाथ,
सुख सदैव भाग्य में उनके बदे रहें भतेरे,
रहते हैं जिनके श्री चरणों में बसेरे,
बनते हैं जगत में सदा उनके बिगड़े काम,
श्रद्धा से जो जपते रहते श्री नारायण का नाम,
धर्म की राह चलते जो देते सेवा में जीवन गुजार,
उनके सारे स्वपन करते सदैव भगवन साकार,
कहे राजीव मेरा सदा रहे प्रभु चरणों में निवास,
कृपा से जगत ईश की पूर्ण हों सब आस,
जय जय श्री मन नारायण जय जय हे जगदीश,
सदैव पाते रहें जगत में सभी प्राणी तुम्हारा आशीष।
©राजीव त्यागी
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