
ए बीरा रे सिरे मंदिर गढ़ सोवणो,
ए बीरा रे सिरे मन्दिर गढ़ सोवनो,
जटे रत्नेश्वर रो धाम बीरा रे,
दर्शन करलो थे भोलेनाथ रा,
कोई नवखंड गूंजे नाम बीरा रे,
नाथो री तप भूमि जोर री रे।।
ए बीरा रे अलख समाधियाँ घणी सोवनी,
वटे पीरजी लियो विश्राम बीरा रे,
अलख अखाडो म्हारा नाथ रो,
ज्यारे लुल लुल करा प्रणाम बीरा रे,
दर्शन करलो रे इन धाम रा रे।।
ओ बीरा रे जालोरी पीर शांतिनाथ जी,
ज्यारो सत्त मन करे गुण गान बीरा रे,
शिव रा अवतारी कहिजे पीरजी,
ज्यारो घणो जगत में मान बीरा रे,
भव तारनीया म्हारा पीरजी रे।।
ए बीरा रे भंवर गुफा री भोम मे,
ज्यामे रटियो शिव रो नाम बीरा रे,
अलख अखाडो म्हारा नाथ रो कोई,
चारों खुट मे नाम बीरा रे,
नाथ निरंजन म्हारा पीरजी रे।।
ओ बीरा रे भजन लिखावे घणा भाव सु,
ज्यारो दास जोरावर कहिजे नाम बीरा रे,
‘श्याम पालीवाल’ गावे भाव सु,
ए तो पीरजी रा गुण गान बीरा रे,
भजे ज्यारे तो भेला रेवसी ओ।।
गायक – श्याम पालीवाल जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी।
(रायपुर जिला पाली राजस्थान)
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