
ए सुरता गुरू मुखी गंगा नाथ अगम पथ जेलीया
ए सुरता गुरू मुखी गंगा नाथ,
अगम पथ जेलीया,
ए सुरता शरने गुरूजी रे लाग,
ए शरना पथ लेवीया,
ए शरने कोई गुरूजी रे लागी,
ए सुरता सतसंग मोटो धाम,
परमार्थ जेलीया,
ए कुमती कमाई छोड ए,
ए त्रिशम को मारना,
ए सुरता लाल बसे घट माय,
निंगे कर जोवीया,
ए सुरता ए आडी फिरसी रे,
उसी को मारना,
ए सुरता आडी फिरसी रे,
उसी को तोडना।।
ए सुरता पवनपीरी,
पच्चीस पार रक तार एक पोवता,
ए सुरता घर छोडो उकसान
खेंच कर जोडीया,
ए सुरता सुमिरो स्वासो स्वास,
वोही घर आवीया,
ए सुरता केवे मनुराम,
गुरू गुण गावता,
गायक – शंकर टाक जी,
प्रेषक – मनीष सीरवी
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