
( देख तेरे भक्तों में, माँ किस कदर अंधेर है,
जल्द पर्दे से निकल, माँ करी क्यों देर है
आजा कि जिंदगानी का, पहलु बदल न जाए,
कहीं तेरे आते आते, मेरा दम न निकल जाए
एक वार माँ आ जाओ, फिर आ के चली जाना
मईया,,, फिर आ के चली जाना,
हमे दरस दिखा जाओ
, दिखला के चली जाना,,,
तुमको मेरे गीतों का, संगीत बुलाए माँ
मईया,,, संगीत बुलाए माँ,
कुछ मेरी भी सुन जाओ
, कुछ अपनी सुना जाना,,,
जब जब भी बुलाओगी, दरबार में आऊँगा
मईया,,, दरबार में आऊँगा,
गर राह भटक जाऊँ
, मुझे राह दिखा जाना,,,
क्या मेरे तड़पने का, अहसास नहीं तुम को
मईया,,, अहसास नहीं तुम को,
किस बात पे रूठी हो
, इतना तो बता जाना,,,
अख्खियाँ मेरी रोती माँ, इन्हे धीर बंधा जाओ
मईया,,, इन्हे धीर बंधा जाओ,
मंझधार में है नईया
, इसे पार लगा जाना,,,
धीमी सुर में:-
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.


