
ऐसी जगह छुपा लो कोई ढूंढने ना पाए
ऐसी जगह छुपा लो,
कोई ढूंढने ना पाए,
इस बार तुमको पाऊं,
कुछ ऐसा करो उपाय।।
भावों का उमड़ा तूफां,
अश्कों की बाढ़ आई
पलकों के ये किनारे,
अब तो संभल ना पाए।
पगडंडियों पे आस की,
भले धीरे धीरे चलना,
इतनी नजर भी रखना,
कहीं सांस थम ना जाए।
माया के शोरगुल में,
विरहा का है सन्नाटा,
जुगनू सी रोशनी में,
कैसे मैं ढूँढू हाये,
पापों की काली आंधी,
आने से पहले आना,
‘हरिदासी’ की ये झूठी,
कही पोल खुल ना जाए,
स्वर – बृजरस अनुरागी पूनम दीदी।
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.




