
करो अलख री आरतियाँ चौसठ जोगण नगर पूरबे
करो अलख री आरतियाँ,
सतजुग में प्रह्लादो जी सिद्दा,
पाँच करोड़ लेने वे तिरिया,
ले होली होमण ने बैठा,
अगन जाल में वे उबरिया,
चौसठ जोगण नगर पूरबे,
धवल मंगल गाओ सुरसतिया,
आपणे गुरां पर चँवर ढुलाऊ,
महाराज कंवर री आरतियां,
म्हारा रामदे कंवर री आरतियाँ,
म्हारे गरवा गुसाँई री आरतियाँ,
म्हारा भोमिया भोपाल री आरतियां,
भाई रे गऊ मात री आरतियाँ,
भाई रे धरती मात री आरतियाँ,
म्हारे ऊगते सूरज री आरतियाँ।।
नौ सौ नाडी भेसर कोटा,
नख चख रूप बनाय दिया,
अलख सायब ने घड़ दियो पिंजरों,
माही मेरो हँसलो बिठाया दियो,
त्रेता जुग में राजा हरिचन्द सिद्दा,
सात करोड़ लेने वे तिरिया,
सत रे काज धवला गढ़ छोड़ियो,
नीर शुद्र घर बे भरिया,
कँवर रोइताशव राणी तारादे,
जाय काशी में कुटुंब बिकिया,
दवाजुग में राजा जोटल सिद्दा,
नौ करोड़ लेने वे तिरिया,
पाँचों पाण्डु माता कुंता,
आरोदे आम्बा फलिया,
कलजुग में बलि राजा सिद्दा,
बारह करोड़ लेने वे तिरिया,
ले झारी राजा भोम संकल्पग्या,
बावनो होय बाने छलिया,
पाँचो सातो नवो बारहवो,
मेलों हैं सुरु तेंतीसो,
बुदोजी रा पुत्र देवायत बोले,
वासो दो अमरपुरिया,
गायक – अर्जुन बाजाड़।
प्रेषक – रामेश्वर लाल पँवार।
आकाशवाणी सिंगर।
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