
काला पण घणा रुपाला सा मंडपिया वाला श्याम
काला पण घणा रुपाला सा,
मंडपिया वाला श्याम,
मंडपिया वाला श्याम म्हारा,
ओ मुरली वाला श्याम सा,
ओ भाला वाला श्याम सा,
काला पन घणा रुपाला सा,
मोर मुकुट थारा सिर पर सोहे,
सिर पर पचरंग पाग सा,
माथा पर तुर्रो चमके सा,
भाला वाला श्याम,
मुरली वाला श्याम।।
कमर कटारो बाँकडो जी,
सोरठणी तलवार सा,
हाथा में भालो चमके सा,
काळा पण घणा रुपाला सा,
शिखर ऊपरे ध्वजा दंड की,
ध्वजा सदा लहराती सा,
निज मंदिर के बाहर थारे,
दो दो घूमे हाथी सा,
मोत्या वाला श्याम।।
मोत्या वाला श्याम म्हारा,
छोगा वाला श्याम म्हारा,
झूलणी पे झूलन जावे,
जावे रथड़ा माई सा,
‘जगदीश’ चरणा में गावे सा,
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