
खाटू का श्याम निराला
तर्ज - तेरी आख्या को यो काजल बाबा श्याम
खाटू का श्याम निराला भक्ता ने लागे प्यारा,
तेरे सोने रो सिंगासन, देदे मोरछड़ी का झाड़ा,
ओ बाबा पल पल पल पल याद तेरी तड़फावे - हाय,
थारे भक्ता ने तु खाटू क्यों न बुलावे है॥
भक्ता के आगे बाबा, निसान तेरा लहरावे,
कोई पेट पलनिया जावे, कोई भजन सुहाना गावे,
देखी तेरी सकलाई, तेरी दुनिया करे बड़ाई,
तेरे द्वारे जो भी आया, उस की किस्मत चमकाई,
थे अहिलवती का जाया, थारी बात निराली सै,
ओ शिश के दानी बाबा तेरी लीला न्यारी सै,
थारे पैदल चल कर आवे तू सबकी बिगड़ी बनावे,
दुनिया तेरा गुण गावे, भक्ता रा कष्ट मिटावे,
बाहरो महिना से बाबा, मैं बाट उडीका थारी,
ग्यारस को मेलो आवे, भक्ता की भीड निराली,
थारो कानो भजन बणावे, चरणा मे शीश नवावे,
बाबो बेडो पार लगावे, तेरा राम करण गुण गावे,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.




