
चांदनी चौदस रा सेवक सुन्धा जी पधारीया
चांदनी चौदस रा सेवक,
सुन्धा जी पधारीया,
माताजी रे काई काई लाया ओ भाईडा,
चुनड़ माँ री लहर लुम्बा वाली,
चुनड़ माँ री तारकोटा वाली।।
सुन्देशा कुल री माता चामुण्डा कहिजे,
सुन्देशा कुल री माता सुन्धा माँ कहिजे,
सेवकीया तो पैदल द्वारे आया ओ माताजी,
सेवकीया पैदल द्वारे आया ओ माताजी,
सिर पर रखडी लाया नाक में नथडी,
सिर पर रखडी लाया नाक माई नथडी,
गला माई हार प्यारो लाया ओ माताजी,
गले मे हार प्यारो लाया ओ माताजी,
लाल चुनडीया वाली सुन्धा माँ कहिजे,
ए सेवक रमता द्वारे आया ओ माताजी,
सेवकीया रमता द्वारे आया ओ माताजी,
थारा सेवकीया सुन्धा माता ने बुलावे,
थारा टाबरिया माताजी थाने ए बुलावे,
राती जोगो दर्शन थेतो देवो ओ माताजी,
ए सिंह सवारी माता चामुण्डा पधारे,
सिंह सवारी माता सुन्धा जी पधारे,
संग माई काला गोरा लावो ओ भेरूजी,
सुन्धा पर्वत ऊपर चामुण्डा बिराजे,
सुन्धा पर्वत ऊपर सुन्धा माँ बिराजे,
नवरात्रि मे मेलो घणो लागे ओ माताजी,
नवरात्रि मे गरबा रमवा आवो ओ माताजी,
अवतानी सुन्देशा परिवार गुण थारा ही गावे,
संतो से काजल रेखा आवे ओ माताजी,
प्रेमलता थारी चुनड़ लायी,
सब रे भगता पर मैया छत्तर छाया राखो,
सबरे भगता पर माता छत्तर छाया राखो,
‘श्याम पालीवाल’ गुण गावे ओ माताजी,
सेवकीयो गुण थारा गावे ओ माताजी,
गायक – श्याम पालीवाल जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी।
(रायपुर जिला पाली राजस्थान)
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