
छाप तिलक सब छीनी रे
छाप तिलक सब छीनी रे,
मो से नैना मिलाई के,
नैना मिलाई के,
मो से सैना मिलाई के ।।
बात अधम कह दिनी रे,
बलि बलि जाऊ,
मै तोरे रंग रजवा ।
तोरे रंग रजवा,
अपने ही रंग रंग लीनी रे,
प्रेम भक्ति का मधवा पिलाई के,
मधवा पिलाई के श्याम,
मधवा पिलाई के,
प्रेम भक्ति का माधवा पिलाई के ।।
मतवारी कर दिनी रे,
हरी हरी चूड़ियां,
गोरी गोरी बइयाँ,
कलाइयां पकड़ कर धर लीनी रे,
शयम् नाम की मेहंदी रचाई के,
मेहंदी रचाई के श्याम,
मेहंदी रचाई के ।
मोहे सुहागन किन्ही रे,
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