
जदसूं बाबा थारी सेवा को, काम मिल गयो
जदसूं बाबा थारी सेवा को, काम मिल गयो,ओ महाने, रोज़ी रोटी को इंतजाम मिल गयो ।। टेर ।।
तर्ज – दिलदार यार म्हाने तो निभायां सरसी ।
जाणे कांई देख म्हाने, सेवा मं लगाया जी,पापी हृदय मं भगती, भाव थे जगाया जी,कूण से कर्मां को यो, इनाम मिल गयो, जद ...
१ ।।
तूं ही मेरी मथुरा काशी, तूं ही हरिद्वार है,तेरे च्यारूं मेरे बाबा, मेरो परिवार है,थारे चरणां मं चारूं धाम मिल गयो, जद ...
२ ।।
होठां पे हरदम थारे, नाम को जिकर है,तेरे होतां सोतां म्हाने, क्यांकी फ़िकर है,जीवन की चिंता से, आराम मिल गयो, जद ...
३ ।।
हाज़री बजाऊं ‘माधव’, गली-गली घूमके,भजन सुनाऊँ थांने, नाच और झूमके,सुख-दुःख को साथी, म्हाने श्याम मिल गयो, जद ...
।। ४ ।।
लिरिक्स – अभिषेक शर्मा (माधव) जी
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.


