
जब से ये मुरली वाला मेरा फ्रेंड हो गया
जब से ये मुरली वाला मेरा फ्रेंड हो गया,
जीवन में मेरे दुखो का दी एंड हो गया,
चलता है संग संग मेरे साथ रहता है,
सुनता है मेरे दिल की अपने दिल की कहता है,
जब से ये दिल कन्हैया पे देपेंद हो गया,
ऐसा था वक़्त अपने आँखे फेर लेते थे,
मुझको अकेला देख के वो गेर लेते थे,
हाथो में जब से इनके मेरा हैंड हो गया,
मैं तो हु खुश नसीब ऐसा यार मिला है,
दुनिया जिसे तरस ती है ऐसा प्यार मिला है,
मोहित जन्म जन्म का एग्रीमेंट हो गया,
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