
जय जगजननी माँ,
भवानी मैय्या शारदा हो माँ,
अंबे जगदंबे जगदंबिके,
जग की पालनहार,
नवदुर्गा माँ मंगलकारी,
सिंहसवारी सब पे भारी,
शक्तिशाली अपार,
भवानी मैय्या,
ऊंची पहाडी पे द्वार,
नवदुर्गे माँ नौरूप तेरे,
नौरंगी माँ नौरंग तेरे,
लिला अपरंपार,
ओ मैय्या तेरी,
महिमा अपरंपार,
अश्विन चैत्र महिना आवे,
नौरात्री के नौ दिन आवे,
मेला लगे तेरे द्वार,
भगत करे जयकार,
भगतो की माँ सुनलो अरजीया,
दौडे दौडे आये मैय्या तेरी मढीयाँ,
धन के भरो भंडार,
हरलो क्लेश विकार,
गीत – प्रविन माखन।
स्वर – दिनेश शर्मा ( दाधिच )
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