
बजरंगी करते हुए आराम,
जाम संवाली में जपने लगे राम राम,
संकट जब बढ़ जाता है राम भगत गबराता है,
लेते है उनको शरण में थाम,
नाभि से जल जो निकलता है,
दुःख दर्द सारे वो हरता है,
बनते है बिगड़े हुए सब काम,
बजरंग शिव अवतारी है अजर अमरबलकारी है,
मनोहर पकड़े चरण सुबहो शाम,
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