
जीवन में जब जब दुःख आए,
जब जब जी घबराता है,
मेरा साथी बनके कन्हैया,
मेरे दुःख हरने आता है।।
तर्ज – भला किसी का कर ना।
जब जब दुनिया ने ठुकराया,
दुःख के बादल मंडराये,
अपने भगत की लाज बचाने,
ममोहन चलके आए,
जब जब भव में डोले नैया,
वो पतवार चलाता है,
मतलब के है रिश्ते सारे,
झूठे सारे नाते है,
मतलब साबित जबतक ना हो,
तब तक साथ निभाते है,
जग के ठुकराए लोगो को,
पलकों पे ये बिठाता है,
नरसी भगत का भात भरा,
सुदामा का उद्धार किया,
बीच सभा में लाज बचाई,
द्रोपदी का मान रखा,
अंधियारे जीवन में कान्हा,
सुख के दीप जलाता है,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.
