
डगमग नैया डोलती वाल्मीकि करतार
डगमग नैया डोलती,
वाल्मीकि करतार,
तोरे बिना मझधार में,
कौन लगाए पार,
किसे पुकारे गोमती,
कहाँ करें फरियाद,
मेरा भरोसा आप हो,
ञैलोकी के नाथ,
दासी की हर भूल को,
बख्श दे यो दातार,
आशा है विश्वास है,
करोगे पूरण आस,
मेरे लाल कनोज की,
फिर से जिएगी लाश,
प्रगट हो परमात्मा,
बीत गए दिन चार,
दर्द मेरे का राहीया,
सागर बड़ा विशाल,
वाल्मीकि बिना आपके,
हाल हुए बेहाल,
आदि कवि संसार के,
आप हो तारणहार,
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