
( नसीब वाला वोह है गणराजा, तेरा दीदार होता है,
जिस पे होता है तेरा, नज़र-ए-कर्म,
उसका बेड़ा, पार होता है
तेरे दर्शन को गणराजा, तेरे दरबार आए हैं
तेरे दरबार आए हैं, तेरे दरबार आए हैं,
तेरे दर्शन,,जय हो
को गणराजा, तेरे दरबार आए हैं
सुना है मैंने गणराजा, तुम्हें लडडू ही भाते हैं
तुम्हारे भोग में भगवन, हाँ लडडू साथ लाए हैं
तेरे दर्शन को गणराजा,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
तुम्हें दूर्वा सदा चढ़ती, लोग ऐसा सदा करते
बेल पत्ती के संग संग में, हाँ दूर्वा हार लाए हैं
तुम्हें वस्त्रों में पिताम्बर, पहनते हमने देखा है
कि दर्ज़ी से भी सिलवाकर, तुम्हारे वस्त्र लाए हैं
*सुना है ताज़े फूलों के, तुम्हें गज़रे सुहाते हैं
कि बागों से 'सुमन योगी', सुगंधित फूल लाए हैं
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.

