
दौड़ू तो पोछु कोनी रे मीरा रा महाराज उबा रिजो
दौड़ू तो पोछु कोनी रे,
छेटी पड़गी हाट उबा रिजो।
दोहा – मीरा जन्मी मेढ़ते,
वा परनाई चित्तोड़,
राम भजन परताप सू,
वा सकल श्रृष्टि सिरमोर।
सकल श्रृष्टि जगत में,
सारा है जानी,
आगे भई अनेक,
केई बाया केई राणी,
जिनकी रीत सगराम कहे,
है बैकुंठा ठोढ़,
मीरा जन्मी मेढ़ते,
चेटी पड़गी हाट उबा रिजो,
मारे मीरा रा महाराज उबा रिजो,
चुड़ले रा सिणगार उबा रिजो,
मीरा रा महाराज हवले हालो रे।।
आपरे भजन रे कारणे मैं,
छोड्या मायर बाप उबा रिजो,
वेरागण आवे लार उबा रिजो,
मारे सुड़ले रा सिणगार उबा रिजो,
मारे हिवड़े मायला हार उबा रिजो,
पेरया भगवा वेश उबा रिजो,
छोड्या अन्न ने पान उबा रिजो,
छोड्यो सहेलियों रो साथ उबा रिजो,
बाई मीरा री विनती,
थे सुनो नी द्वारका रा नाथ,
अर्जी सुणजो,
गायक – प्रकाश माली जी।
प्रेषक – पुखराज पटेल
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.



