
नागाणा री धरती ऊपर,
कोयलडी हद बोले,
कोई मीठी मीठी बोल कोयलडी,
माताजी घर आवे,
मीठी मीठी बोल कोयलडी,
नागणेची घर आवे,
भगता ने दर्शन देवे,
लाल चुनडीया माताजी,
नागणेची ने प्यारी लागे,
नागणेची रे प्यारी लागे,
प्यारी घनेरी लागे,
ए भक्त घणा ओडावे,
सिर पर रखडी नाक में नथडी,
गले हार प्यारो लागे,
माताजी ए सोनी जी,
थारे ए आंगन लावे,
थारे तो आंगन लावे,
नागाणा सु चाली मावडी,
भगता रे घर आवे,
सुनले सेवक म्हारो तू,
राती जोगो दिरावे,
इन कलयुग मे एक आसरो,
थारो ही मन भावे,
संग माई काला गोरा,
भेरूजी ने लावे,
भक्त मंडली करे विनती,
चरने थारे आवे,
सेवक थारा करे विनती,
चरना माई राखो माँ सा,
“नरसा परिवार” आवे,
चरना माई राखो मैया,
गायक – श्याम पालीवाल जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी।
(रायपुर जिला पाली राजस्थान)
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