
नैया है मझधार में श्याम
नैया है मझधार में श्याम इसे पार लगा जाऊ,
हो नीले के असवार दयालु जल्दी आ जाऊ,
आ जाऊ प्रभु आ जावो नीले चढ़ कर आ जावो,
नैया है मझधार ....
नैया मेरी दुब रही है केवट बैठा है चुप चाप,
मेरी बर्बादी की लीला कैसे देख रहे हो आप,
क्यों करते इंकार मुझे ये भेद बता जाऊ,
हो नीले असवार ,....
तूफानों से लगते लगते हार गया है दास
तुझपर दरम दार प्रभु अब टूटे न विश्वाश मेरा,
संभालो पतवार भबर से इसे बचा जाऊ,
बीच भवर में दूजा केवट श्याम कहा से लाउ मैं,
तुझबीण रक्षा हो नहीं सकती कितना भी चिलाऊ मैं,
तेरा ही आधार प्रभु मुझे धीर बंधा जाऊ,
दीं दयालु नाम तुम्हारा नाम की लाज रखो सरकार,
थोड़ी सी यदि किरपा करो हो जाये गा बेडा पार,
बिनु है लाचार प्यार अपना बरसा जाऊ,
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