
फागण का मौसम है
फागण का मौसम है आया उड़ रहे रंग गुलाल,
बाबा की नगरी में देखो खूब मचा है धमाल,
आया फागण का मेला, आया फागण का मेला,
फागण के मेले का अपना अलग ही एक उमंग है,
जिसको देखो उसके ऊपर चढ़ा श्याम का रंग है,
श्याम दीवाने बनकर प्रेमी चले मस्त सी चाल,
हुआ नज़ारा रंग बिरंगा श्याम धणी के द्वारे,
जिधर भी देखो श्याम ध्वजा लहराते प्यारे प्यारे,
लगता है रंगो ने बिछाया अपना यहाँ पे जाल,
कुंदन इस मेले की होती है जमकर तैयारी,
खेलन होली श्याम प्रभु संग आती दुनिया सारी,
सजती खाटू नगरी सजते बड़े बड़े पण्डाल,
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