
बजरंगी के द्वार पे
बजरंगी के द्वार पे दुनिया जा रही है सारी,
दर पे जाके, जाके बाबा के,
सबका हो जाता उद्धार,
दर पे जाना बजरंगी के द्वार।।
मेरे बजरंगी है सारे भक्तो के रखवाले,
द्वारे पर जो भी आता है भरती झोली खाली,
द्वार आके द्वार आके बाला के कोई रहता न लाचार,
मैं तो जाना रे जाना अपने बजरंगबली के द्वार ।।
मेहंदीपुर में बालाजी का कितना पावन धाम,
पहले इन्हे मनाओ तो खुश होते है राम,
सच्चे बाला सच्चे सब जूठा है संसार,
मैं तो जाना रे जाना अपने बजरंग के द्वार ।।
सारे काम छोड़ के बजरंगी दर जाना,
द्वार पे उनके मिले कोई खजाना,
मैं भी पाना पाना रे बजरंगी का प्यार।।
ना दिल्ली कलकत्ता जाना ना भोपाल बिहार,
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