
बांसुरी बजा जा रे कन्हैया
धीरे धीरे बांसुरी बजा जा रे कन्हैया,
मैं ग्वालन बरसाने की, अरे मैं ग्वालन बरसाने की,
सिर पर घड़ा घड़ी पर गगरी,
सूरत लगा ली पनघट की रे भला,
सूरत लगा ली पनघट की,
घड़ा उतार पार पर रख दिया,
सूरत लगा ली खीचन की रे भला,
सूरत लगा ली खीचन की,
घड़ा उठाएं शीश पर रख लिया,
सूरत लगा ली महलन की रे भला,
सूरत लगा ली महलन की,
रस्ते में मिल गए कन्हैया,
हवा जो खा लो मधुबन की रे भला,
हवा जो खा लो मधुबन की,
घुंघट के पट ना खोलो कान्हा,
लाज जाए मेरे दो कुल की रे भला,
लाज जाए मेरे दो कुल की,
पहली लाज मेरी माई रे बाप की,
दुजी लाज ससुराल घर की रे भला,
दुजी लाज ससुराल घर की,
तोहै तो लाज अपने मोर मुकुट की,
हमें लाज घूंघट पट की रे भला,
हमें लाज घूंघट पट की,
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