
बाल रूप मन्नै छोटा देखा,
बांधे लाल लंगोटा देखा,
कांधे ऊपर सोटा देखा,
मेंहदीपुर दरबार में।।
सवामणी के छोटे छोटे लाडु,
खा क बाबा करदे स जादु,
भक्ति भरम भरोटा देखा,
पेशी आवं मांगे सं मीठा,
होवः आरती लागः स छीटा,
गंगा जल का लोटा देखा,
राम नाम की होरी स भक्ति,
जगमग जोत भवन में जगती,
संकट का गल घोटे देखा,
फांसी कटती जीवन मरण की,
अशोक भक्त स धुल चरण की,
पांया के महां लोटया देखा,
गायक – नरेंद्र कौशिक जी।
प्रेषक – राकेश कुमार खरक जाटान(रोहतक)
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