
भगतां नू दरस दिखाउन वालिए नी,
तेरी खैर होवे।।
संगता दा मेल कराऊँन वालिए नी,
अन्नपूर्ता तू माता, सबना नू पालदी,
चरणा च डिग्गयां नू खुद ही सँभालदी।।
बच्चया नू सीने नाल लाऊंन वालिए,
भगतां नू दरस दिखाउन........
जग सारा दर दा भिखारी शेरावालिये,
सबना नू तारे वारो वारी शेरावालिये।।
सबना दी आस पुचाउन वालिए,
शेष ते महेश, दरवेश तेरे दर दे,
विष्णु भी वैष्णो माँ, पानी तेरा भरदे,
जग उत्ते हुकम, चलाऊंन वालिए,
गुफ़ा विच बैठिये नी, जग दिए मालके,
युग युग जिऊँन दाती, तेरे ने जो बालके।।
डेरा उच्चे पर्वता ते लाऊँन वालिये,
वरां दिए दातिए नी, इहो वर मंगदे,
चंचल नु आपने ही, रंगा विच रंग दे।।
उच्ची सुच्ची आन बान, शान वालिये,
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