
मारे नेणो मे राम रस,
छाय रहयो हैं,
छाय रहयो छाय रहयो,
जल बिच कमल,
कमल बिच कलीया,
कलीया मे भंवर,
लुभाय रहयो हैं,
दधि बिच शीप,
शीप बिच मोती,
मोती मे ज्योति,
जगाय रहयो हैं,
वन बिच बाग,
बाग बिच बंगला,
बंगला मे बलमो,
चन्द्र सखि मोहन बिन,
मोरे जीव घणो,
अकुलाय रहयो हैं,
गायक एवं प्रेषक – लालाराम प्रजापत,
सिणधरी 9828353565
महादेव साउण्ड सिणधरी।
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