
मुख मोहिनी मुस्कान सांवरा सबका प्यारा है
मुख मोहिनी मुस्कान,
नज़रों से चलाये बाण,
मुरली से छेड़ता तान,
कन्हैया कितना प्यारा है,
सांवरा सबका प्यारा है,
मोर मुकुट है शान,
प्रेमियों के दिल की जान,
तर्ज – ना कजरे की धार।
मुखड़ा सूरज सो दमके,
किरपा की नज़र करे जमके,
माथे पर तिलक केसरिया,
ड्योड़ी पर हीरो चमके,
म्हारो बाबो है छबीलो,
पहने है जो रंगीलो,
बागे की निराली शान।
मुख मोहनी मुस्कान,
मोतियन की लड़ी मन भाये,
बैजंती माल सुहाये,
मकराकृत कान के कुण्डल,
चुपके से चित्त चुराए,
जैसे बादल हो काले,
सावन के मतवाले,
केशो पे तेरे कुर्बान,
नैना सुन्दर कजरारे,
मन को लगते मतवारे,
ऐसा लगता है जैसे,
जादूगर जादू डारे,
क्या रिश्ते क्या रस्मे,
कर लेता है वश में,
ये दिल धड़कन ये जान।
मन फसा तुम्हारे ढंग में,
बस गया ‘बेधड़क’ अंग में,
दुनिया से मोह टूटा मेरा,
मैं रंगी जो तेरे रंग में,
मैं मैं ना रही कान्हा,
हुआ ऐसा दिल दीवाना,
बन गई मेरी पहचान।
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