
मेरा खिवैया मेरा कन्हैया
बनके खिवैया कन्हैया मेरी नाव चलाये,
बनके नैया कन्हैया मेरी नाव चलाये,
जिसको बाबा जिताये, उसको जग क्या हराए….
कलयुग में बस बर्बरीक है, हारे का सहारा,
जब तक सूरज चाँद रहेगा, गुजेगा जयकारा,
शरण में आपके ले, शरण में आपके ले,
तेरा श्याम बनेगा सहारा……
हम तो प्रेमी श्याम के ऐसे,
हालातो से ना घबराते,
सुख और दुःख है श्याम सहारे
सोच के हर दम हम मुस्काते,
ठोकरे रास्तो की मंजिलो से मिलाये,
जीवन नैया के खिवैया, चिंता फिकर काहे करे हम,
आगे आगे चले हमारे, साँवरिया के पीछे चले हम,
ढाल बनके सदा, मुश्किलो से बचाये,
दर दर ठोकर खाई तुमने फिर भी सब जन पाई,
आके देखो श्याम चरण में पल में हो सुनवाई,
श्याम का एक सहारा काफी,
श्याम पे है हमे एक भरोसा
सारी खुशियों को बाबा ने,
जीवन की थाली में परोसा,
खाटू वाले के गुण ” गोलू ” फिर क्यों ना गाए,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.


