
मेरा संकट कट गया जी बालाजी के दरबार में
Mera Sankat Kat Gaya Ji Baalaaji Ke Darabaar Mein lyrics
मेरा संकट कट गया जी बालाजी के दरबार में,
मेरा संकट,मेरा संकट,मेरा संकट, हाँ हाँ हाँ,
पीछे पड़ गया भगतो मेरे एक भूत का साया,ज
हालत मेरी बिगड़न लागी समझ नहीं कुछ आने,
मेरे बस की बात नही यो ने घना सतावे,यो ने घना सतावे,
वो मेरे चिपट गया जी मै सिर मारू दीवार मे,
बबलू चाचा रोज करे डंडे से मेरी पिटाई,
डॉक्टर वैद्य दिखाता तो लागे नही दवाई,
एक जना यू बोला इसने मेहंदीपुर ले चालों,
बांध जूट ते इसने थे सूमो के अंदर घालो,थे सूमो के अंदर घालो,
मैं जाने ते नट गया जी उस बाबा के दरबार मे,
मेहंदीपुर पंहुचा तो मुझको चेन थोड़ा सा आया,
लगाया जब आरती का छींटा निर्मल हो गई काया,
भूत प्रेत सब भागे मेरे मिल गया था छुटकारा,
बालाजी ने कर दिया मेरे संकट का निपटारा,मेरे संकट का निपटारा
मने बेरा पट गया जी ना इसा कोई संसार में,
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