
मेरी श्याम सूंदर से मिली जब नजर
मेरी श्याम सूंदर से मिली जब नजर वृद्धावन में जो देखा मजा आ गया,
श्याम के संग में राधा भी मौजूद थी दोनो का मुश्कुराना गजब गहा गया,
मेरी श्याम सूंदर से मिली जब नजर .....
फूलो में सज रहा था मेरा संवारा,
जिस ने देखा मोहन को हुआ वनवरा,
शर्मा ने लगी चाँद की चांदनी,
वृद्धावन में मेरा संवारा शाह गया ,
आरती में खड़ा था मैं होक मगन,
मन मोहन में लागि थी मेरी लगन,
नजरो से नजर जब मिली श्याम से,
मेरी नजरो को वो संवारा भा गया,
हर गली में था चर्चा मेरे शाम का,
ले रहे थे मजा नाम के जाम का,
ऐसी मस्ती चढ़ी श्याम के नाम की,
मीतू ने पिके देखा मजा आ गया,
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