
राधा रानी हमारी सरकार फिकर मोहे काहे की
राधा रानी हमारी सरकार,
फिकर मोहे काहे की।
दोहा – सारद शेष की कौन गिने,
गुण गावत चारहुँ वेद की बानी,
चन्द्र से भानु से जाके है चाकर,
और द्वार रखावत शम्भू भवानी,
शक्ति की शक्ति या शक्ति की शक्ति है,
मुक्ति की भक्ति की दानी महारानी,
और काहे ना राज करे तिहूँ लोक में,
जा की है राधिका श्री महारानी।
हित अधम उधारण देह धरे,
बीनू कारण दीनन नेह करे,
जब ऐसी दयालु सरकार,
टूक निज जन क्रंदन सुनी पावे,
तजी श्यामहु निज जन पे आवे,
जब ऐसी सरल सुकुमार,
भृकुटि नित तकत श्याम जाकी,
ताकि शरणाई डर काकी,
जब ऐसी कृपालु सरकार,
स्वर – श्री गोविन्द भार्गव जी।
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.

