
मैनूं मां चाहीदी सी मैनूं मां मिल गई
( तेरे दर तों, खाली ना, कोई मुड़िया,
तूं सभ दी, झोली, भर दित्ती ।
मैं तां, तैनूं ही मां, मंगियां सी,
तूं इच्छा, ओह वी, पूरी कर दित्ती ॥ )
ओहदे, चरणां दे, विच मैनूं, थां मिल गई ॥
ओ मैनूं, मां चाहीदी सी, मैनूं मां मिल गई ॥
बोहड़ां, वाली मैनूं, ठंडी ठंडी, छां मिल गई ॥
हथ फड़, मेरा मैनूं, दुखां तों, बचा लिया ॥
आपणा, बना के मैनूं, गळ नाल ला लिया ॥
हर, पासे जदों, मैनूं कोरी, नांह मिल गई ॥
ओहदे, चरणां दे, विच मैनूं, थां मिल...
सारा जग्ग, घुम्म के मैं, दर तेरे, आ गया ॥
बिना, मंगियां ही मैं तां, सभ कुछ, पा गया ॥
चिंता, पुरनी दी, जदों मैनूं, हां मिल गई ।
वैष्णों, रानी दी, जदों मैनूं, हां मिल गई ।
सभ दियां, दिलां दियां, आपे ही, मां जाणदी ॥
मणी जेहे, निमाणे नूं एह, अकल है माणदी ॥
मां दे, लाडले नूं, गोदी विच, थां मिल गई ॥
जदों तों एह, मिली मईआ, मैं मां दा, हो गया ॥
दुनियां, दारी दी मैं तां, सुध-बुध, खो गया ॥
दर्शन, करके मां दे, मन दी कली, कली खिल गई ॥
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