
मोहे अचम्भो है मेने हनुमान नहीं देखे
मोहे अचम्भो है मेने हनुमान नहीं देखे ॥
जनक पूरी में मेने नहीं देखे ॥
वह मेरो जनम भयो मेने हनुमान नहीं देखे ॥
अवध पूरी में मेने नहीं देखे ॥
वह मेरो ब्याह भयो मेने हनुमान नहीं देखे
पंचवटी में मेने नहीं देखे ॥
वहां मेरो हरण भयो मेने हनुमान है देखे
लंका पूरी में मेने नहीं देखे ॥
वहां मुझे राम मिले और मेने हनुमान वही देखे
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.

