
म्हारो श्याम बसे खाटू माहि,
सालासर में बजरंगी।
↞↞↠↞↠ दोहा ↞↠↞↠↠
रंग रंगीले राजस्थान में,
देखे अजब नज़ारे,
कण कण में यहाँ आन बसे है,
इस धरती पर देव हमारे,
अपनी अपनी शोभा सबकी,
अपनी अपनी महिमा है,
कुदरत ने कर दिया यहाँ पर,
देखो अजब करिश्मा है।
↞↞↠↞↠ भजन ↞↠↞↠↠
राणी सती राज करे जी झुंझणु के माहि,
हे गौरी सूत देव गजानन,
देवारा सिरमौर है,
मरुधर में धाम बणायो,
प्यारो रणथंबोर है,
ओ भक्तो रे,
गणपति ने पूजे दुनिया घर घर माहि।
ओ सावळीयो सेठ पियारो,
मण्डफिया विराजे है,
नाथद्वारा श्रीनाथ को,
मंदिर यो साजे है,
लो देखो रे,
भक्ता रा काज सवारे संकटये माए।
परबत पे शाकम्बरी माँ,
गोरिया में जिण धाम,
दो जाटी बालाजी को,
प्यारो सो एक धाम,
अंजनी माँ को लाल बिराजे मेहंदीपुर माहि।
रुणिचे रामदेवजी,
पीरा को पीर है,
पूनरासर में बजरंगी,
वीरा को वीर है,
ओ सुण जो रे,
करणी माता दर्शन देवे बीकानेर माए।
गळता जी पूण्य तीरथ है,
पुष्कर में ब्रम्हा धाम,
प्यारी प्यारी राधा सागे,
जयपुर में राधेश्याम,
ओ श्याम रे,
निशदिन रास रचावे बालू रेत माए।
धोरा री धरती माहि,
सतियो का राज है,
राणी सती ढांढण सती,
राखे माँ लाज है,
ओ दादी जी,
खेमी सती धोळी सती,
‘हर्ष’ देवी देव बिराजे राजस्थान माए।
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.

