
रंग काला है गल माला है
रंग काला है गल माला है
धुन-चाहे पास हो चाहे दूर हो
मेरा, श्याम तो, मुरली वाला है ॥
मोर, मुकुट, पिताम्बर धारी,
अँखियाँ, तेरी, भई कज़रारी ॥
भई, कज़रारी,
यमुना, तट पे, गईयाँ चरावे,
सखियाँ, दे नाल, रास रचावे ॥
रास, रचावे,
मीराँ, पी गई, ज़हर प्याला,
बन गया, वो तो, अमृत वाला ॥
अमृत, वाला,
पापियों, को वो, मार मुकावे,
भक्तन, को वो, दर्श दिखावे ॥
दर्श, दिखावे,
जप लो, तुम भी, कृष्ण कन्हईया,
पार, लगेगी, तेरी नईया ॥
तेरी, नईया,
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