
राठौडी राजा ने ध्यावे,
ओ सवाईसिंहजी ने ध्यावे,
ज्योरा राठोड़ी राजा ने ध्यावे,
ज्योरा संकट कोनी रेवे,
दुखडा कोनी रेवे,
मालानी धरती रा साचा भोमिया,
धोरा री धरती रा साचा भोमिया।।
मारवाड़ शूरो री धरती,
मारवाड़ शूरो री ओ,
गायो री वारो मे जावे,
मालानी धरती रा साचा शूरमा,
मालानी रा वीर भोमिया,
सवाईसिंहजी केवावे,
मेना सु छुडावे गाया लायदी,
लडता लडता प्राण त्यागीयो,
अमर नाम हो जावे,
जसोल री माजीसा रे साथे पूजीया,
जसोल री माजीसा साथे पूजीया।।
चौदस वाली रात भोमिया,
ओ चौदस वाली रात भोमिया,
जगमग ज्योता सवावे,
केसर री असवारी वेगा आविया।।
हेत प्रेम सु ध्यावे कोई,
हेत प्रेम सु ध्यावे ओ,
मनवाचित फल पावे,
हर्ष माली तो चरना गावीया,
गायक – हर्ष जी माली।
प्रेषक – मनीष सीरवी
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