
लाइ न साहणु लारा वंड मिशरी मिठाइयाँ जी
आई जग ते ज्योत नुरानी कोई नही है इस दा सानी,
बहार आके देख ली माये सचियाँ रोनका लाइया नि,
लाइ न साहणु लारा वंड मिशरी मिठाइयाँ जी,
नित नित नही अस्सा तेनु कहना बूहे तेरे अड़ के बहना,
गलत नही गल साडी कोई नैना चार गवाइया नि,
तेरे दर की थोड नही माये पूछ सहनु की लोड नि माये,
खुश करदे दिल साडा किधरे सह न जान लड़ाईया नि,
नूर इलाही लाल माँ तेरा रब तेरे घर पाया फेरा,
चन दूज दा चमका मारे खोइया जग रुश्नाइया नि,
आज माये नि साहणु गल नाल लाके लड्डू साडी झोली पा के,
लाल तो वार के वंड रुपैये समज न साहणु पराइयाँ नि,
वज रहे ने आज ढोल नगाड़े नाल सुख देव दे न्च्दे सारे,
धरती ते आकाश भी न्च्दा गूंज रहियां शेह्नाइयां,
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