
राम नाम नाम मधुबन का, भ्रमर बना, मन शिव का ।
निश दिन सिमरन करता, नाम पुण्यकारी ॥
शंकर शिव शम्भु साधु सन्तन सुखकारी ॥
लोचन त्रय अति विशाल, सोहे नव चन्द्र भाल,
रुण्ड मुण्ड व्याल माल, जटा गंग धारी ।
सतत जपत राम नाम अतिशय शुभकारी ॥
पारवती पति सुजान, प्रमथ राज वृषभ यान,
सुर नर मुनि सैव्यमान, त्रिविध ताप हारी ।
औघड़ दानी महान, कालकूट कियो पान,
आरत-हर तुम समान, को है त्रिपुरारी ।
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